
सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र धारचूला का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं सीमा प्रबंधन का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में तैनात जवानों के साहस,अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें देश की “पहली सुरक्षा पंक्ति” बताया। सुबह करीब 11:30 बजे सेना हेलीपैड पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान आईजी मनु महाराज,अमित कुमार,डीआईजी सुधांशु नौटियाल,अक्षय कोंडे,अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे। गृह राज्य मंत्री ने काली नदी पर बने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय झूला पुल का निरीक्षण कर सीमा सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस मौके पर 11वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल डीडीहाट के कमांडेंट डॉ. अतुल कुमार राय,उपजिलाधिकारी आशीष जोशी एवं सहायक कमांडेंट दीपक सापकले ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान एसएसबी अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन,बॉर्डर इंटरैक्शन टीम (BIT) की कार्यप्रणाली और क्षेत्राधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत ऑपरेशनल ब्रीफिंग दी। इसके बाद गृह राज्य मंत्री बीओपी धारचूला पहुंचे,जहां उन्होंने जवानों से संवाद कर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उनके कर्तव्य निर्वहन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों का योगदान राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान गृह राज्य मंत्री ने बीओपी परिसर में चंदन का पौधा लगा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। करीब 12:45 बजे गृह राज्य मंत्री हेलीपैड के लिए रवाना हो गए। उनका यह दौरा सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जवानों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

