
काठमांडू/डेस्क। नेपाल की राजधानी काठमांडू में संचालित एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 15 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग सोशल मीडिया पर विदेशी मॉडल और युवतियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों को अपने जाल में फंसाते थे तथा बाद में ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते थे। काठमांडू अपराध अनुसंधान कार्यालय की विशेष पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार रात काठमांडू महानगरपालिका-16 स्थित पकनजोल के एक होटल में छापेमारी की। सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक विजिट वीजा पर नेपाल आने के बावजूद वीजा के उद्देश्य के विपरीत संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल की चौथी,पांचवीं और छठी मंजिल के कमरों में रह रहे 15 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि सभी आरोपी होटल के कमरों को किराये पर लेकर वहीं से साइबर अपराध का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस के अनुसार,आरोपी फेसबुक सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विदेशी मॉडल और युवतियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे।इसके बाद वे आम लोगों से दोस्ती कर बातचीत शुरू करते और विश्वास जीतने के बाद अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। कई मामलों में आरोपियों द्वारा बड़ी रकम की मांग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में एमडी मजीदुल इस्लाम रेदोय (25), सफीउल इस्लाम (22), अपोन चंदा साहा (22), अब्दुल्लाह अल जोबाएर (26), अबुल हसनाई (26), अल शहरियार (24), फैसल (30), आजाद हुसैन (25), एमडी अजमैन (19), एमडी तमिम हसन सौरभ (20), एमडी जकारिया जन्नत (20), साकिल अनवर (24), हरजोत बिल्लाल राफत (21), ओमित हसन शेकात (25) तथा एमडी इस्माम हसन स्वाधीन (30) शामिल हैं। सभी वर्तमान में काठमांडू महानगरपालिका-16 क्षेत्र में रह रहे थे। अपराध अनुसंधान कार्यालय के सूचना अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक रामेश्वर कार्की ने बताया कि गिरफ्तार सभी विदेशी नागरिकों को आव्रजन अधिनियम के तहत आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित आव्रजन विभाग को सौंप दिया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस साइबर गिरोह का नेटवर्क नेपाल के अलावा अन्य देशों में भी फैला हुआ था या नहीं तथा इनके द्वारा कितने लोगों को ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया है।

