
छपरा संवाददाता 01 जुलाई। मिशन शक्ति अभियान के तहत बनियापुर प्रखंड की सिसई पंचायत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार जीविका एवं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन,सारण, WCDC के संयुक्त तत्वावधान में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं, कानूनी संरक्षण एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, निःशुल्क कानूनी सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। डालसा के अधिवक्ता अमन वत्स ने कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
DHEW सारण की जेंडर स्पेशलिस्ट सुजाता श्री ने मिशन शक्ति के विभिन्न घटकों—वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान एवं महिला सशक्तिकरण केंद्र की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को दहेज प्रथा, घरेलू उत्पीड़न तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों से भी अवगत कराया। इस दौरान जीविका की दीदियों ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर जिला मिशन समन्वयक निभा, अधिवक्ता अमन वत्स एवं जेंडर स्पेशलिस्ट सुजाता श्री ने उपस्थित महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को बाल विवाह न करने और न होने देने की सामूहिक शपथ दिलाई। उपस्थित लोगों ने अपने क्षेत्र को -बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया। जिला मिशन समन्वयक निभा ने कहा कि ‘सखी वार्ता’ का उद्देश्य अंतिम पंक्ति तक बैठी महिला को सरकारी योजनाओं एवं अधिकारों की जानकारी पहुंचाना है। जागरूक महिला ही सशक्त समाज की आधारशिला बन सकती है। कार्यक्रम में पंचायत की मुखिया, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता,जीविका की सामुदायिक समन्वयक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों के बीच हेल्पलाइन नंबरों से संबंधित जागरूकता पंपलेट का वितरण किया गया।

