
मुजफ्फरपुर,संवाददाता 3 जुलाई। बिहार के मुजफ्फरपुर से शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के चर्चित आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता देवव्रत कुमार साहनी को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई नगर थाना कांड संख्या 239/24 में जारी वारंट के आधार पर की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह नगर थाना की टीम ने अखाड़ाघाट स्थित उनके आवास एवं कार्यक्षेत्र के आसपास से उन्हें हिरासत में लिया। आवश्यक पूछताछ के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की गई। पुलिस का दावा है कि पूरी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है। बता दें कि मुशहरी थाने के आथर घाट निवासी देवव्रत कुमार साहनी पिछले कुछ वर्षों से सूचना के अधिकार के तहत जनहित याचिकाओं और भ्रष्टाचार के कथित मामलों को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कई ऐसे मामलों को उठाया, जिनकी चर्चा पूरे बिहार में हुई। उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मामलों में चंदवारा घाट पुल एवं संपर्क पथ निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला शामिल है। उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद वरिष्ठ अभियंताओं की जांच टीम गठित हुई और तकनीकी ऑडिट के लिए आईआईटी पटना से परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अलावा उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर बिहार सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा खर्च किए गए 92,132.75 करोड़ की राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) और ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन बताया जाता है। बूढ़ी गंडक नदी में निर्माण कार्य के दौरान कथित पर्यावरणीय प्रदूषण के खिलाफ भी उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में उनके प्रयासों की भी काफी चर्चा हुई थी।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई। समर्थकों का आरोप है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि,इन आरोपों पर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार की जाएगी। इस गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

