
पटना,डेस्क 10 जुलाई। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार में बड़ा बदलाव कर दिया है। पार्टी ने पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा बंटी के चुनाव मैदान से हटने के बाद 28 वर्षीय युवा कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार बनाया है। जानकारी के अनुसार, अभिषेक सिन्हा बंटी ने नामांकन दाखिल करने के 24 घंटे के भीतर ही पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। उन्होंने भाजपा प्रांतीय अध्यक्ष को इसकी औपचारिक सूचना भी दे दी है। हालांकि, चुनाव से अचानक पीछे हटने के कारणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। भाजपा ने अभिषेक के हटने के तुरंत बाद युवा चेहरे नीरज कुमार सिन्हा पर भरोसा जताया। बताया जा रहा है कि वे शनिवार या सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 13 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। इसी दिन जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर भी पहली बार किसी चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, जिससे बांकीपुर उपचुनाव और अधिक रोचक हो गया है। गौरतलब है कि अभिषेक सिन्हा बंटी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए के अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने चुनावी मैदान छोड़ने का ऐलान कर सभी को चौंका दिया। मीडिया के सवालों पर उन्होंने चुनाव से हटने के कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं की। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार बदलने से चुनावी मुकाबला अब नए राजनीतिक समीकरणों की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
-अभिषेक बंटी के परिवार पर कोई कानूनी मामला चुनाव से हटने की वजह?
सूत्रों का कहना है कि अभिषेक सिन्हा बंटी को कैंडिडेट बनाने के बाद पार्टी को कुछ ऐसी जानकारी मिली, जिसे विपक्ष राजनीतिक हथियार बना सकता था। वह मामला क्या है, यह स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आ पाया है, लेकिन चर्चा में कहा जा रहा है कि बंटी के अभिभावक पर कोई कानूनी मामला चल रहा है। विपक्ष इस मामले को उठाकर भाजपा को उपचुनाव में परेशान कर सकता था, इसलिए यह कदम उठाया गया है। अभिषेक बंटी के बैठने की पुख्ता वजह सामने आने में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि फिलहाल वे इस मसले पर किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं। अभिषेक सिन्हा बंटी पटना में भाजपा संगठन के पुराने कार्यकर्ता अभिषेक सिन्हा बंटी पटना में भाजपा संगठन के पुराने कार्यकर्ता हैं और बूथ से बढ़कर विधानसभा चुनाव के टिकट तक पहुंचे थे। उनकी जगह पर कैंडिडेट बनाए गए नीरज कुमार सिन्हा भी बूथ का प्रबंधन देखने वाले कार्यकर्ता ही रहे हैं। 1 जुलाई 1994 को पैदा हुए नीरज सिन्हा 2006 में भाजपा के सदस्य बने थे। पिछले 20 साल में वो पार्टी के बूथ से मंडल तक का काम देख चुके हैं। नीरज के चाचा दिवंगत नरेंद्र भारती भी जनसंघ के कार्यकर्ता थे, जिनका 1984 में निधन हो गया था। भाजपा ने नीरज के चाचा के सम्मान में उस मंडल का नाम इलाके के बदले नरेंद्र भारती मंडल रखा है।

