
पटना,टीएन मिश्रा। देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल तकनीक का सहारा लेते हुए एक बड़ी पहल की शुरूआत की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 24 मार्च 2026 को लॉन्च किया गया “टीबी मुक्त भारत” मोबाइल ऐप अब राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यह ऐप न केवल टीबी मरीजों को इलाज और परामर्श की सुविधा देगा, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक आराधना पटनायक द्वारा जारी निर्देश के बाद राज्य और जिला स्तर पर इस ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार और उपयोग को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य केंद्रों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों और निक्षय मित्रों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है।
यह मोबाइल ऐप एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो टीबी मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों को एक मंच पर जोड़ता है।सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के जरिए टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच सुनिश्चित करने, इलाज की निरंतरता बनाए रखने और पोषण सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस ऐप की सबसे खास विशेषता इसका एआई आधारित इंटरैक्टिव चैटबॉट “खुशी” है। यह चैटबॉट हिंदी,अंग्रेजी,मराठी,गुजराती,ओड़िया,तमिल,तेलुगु, बंगाली,कन्नड़,उर्दू, पंजाबी और मलयालम समेत 12 भाषाओं में सहायता प्रदान करता है। “खुशी” चैटबॉट टीबी के लक्षण, जांच, उपचार, पोषण और दवा सेवन से जुड़ी जानकारी टेक्स्ट और आवाज दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराएगा। इसे डिजिटल “ई-निक्षय मित्र” के रूप में विकसित किया गया है, जो मरीजों को मानसिक और सामाजिक सहयोग भी देगा। मोबाइल ऐप के जरिए मरीजों को दवा लेने का दैनिक रिमाइंडर मिलेगा। साथ ही वे अपने उपचार की प्रगति की जानकारी भी देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। इससे इलाज बीच में छोड़ने की प्रवृत्ति कम होगी और मरीजों के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना बढ़ेगी। एप्प में निक्षय मित्रों और स्वयंसेवकों के लिए भी विशेष सुविधाएं दी गई हैं। इसके माध्यम से वे टीबी मरीजों को पोषण सहायता व मनोसामाजिक सहयोग उपलब्ध करा सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भू-टैग्ड तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे सहायता कार्यों की निगरानी आसान होगी।।स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों और स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया है कि ऐप के अधिकतम उपयोग के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए।मेडिकल ऑफिसर, सीएचओ,एएनएम,आशा कार्यकर्ता,टीबी विजेता,माय भारत स्वयंसेवक और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान में जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही “माय गवर्नमेंट”प्लेटफॉर्म पर टीबी प्रतिज्ञा अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें आम लोगों से टीबी उन्मूलन में सहयोग देने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि “टीबी मुक्त भारत” मोबाइल ऐप ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को नई मजबूती देगा।

