
पूर्णिया:-19 जून(राजेश कुमार झा)इन दिनों पूर्णिया नगर निगम के भ्रष्टाचार की चर्चा पूरे बिहार में हो रही है. जिसका संज्ञान नगर विकास विभाग को भी भली भांति दिया गया है.इसी बीच; मोहल्ले से कूड़ा उठाने वालों ने मोहल्ले में जाकर घर के बाहर सड़क के किनारे रखे कूड़ा को उठाने के बाद लोगों को घर के बाहर सड़क किनारे कूड़े को रखने की सलाह दे रहे है.पूछने पर कहते है कि ये सब आदेश ऊपर से आता है. हमलोग क्या कर सकते है. अब हमलोग रोज गाड़ी लेकर नहीं आयेंगे,सप्ताह में आयेंगे और सड़क की किनारे रखे कूड़े को उठा लेंगे.आप लोग सिर्फ घर के बाहर सड़क किनारे कूड़े को रख दीजिएगा.इस मामले में जब मुहल्ले वालों ने गाड़ी वालों से पूछा तो उसने जबाव दिया कि ये सब आदेश ऊपर से आता है.हमलोग कुछ भी नहीं कर सकते है.आपको जहां शिकायत करना हो जाकर करें.ये पूराअमला वार्ड नंबर 20 का है.बताते चलें कि इन दिनों पूर्णिया नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे का चर्चा पूरे बिहार में हो रहा है. विगत दो वर्षों से नगर निगम में विकास का मुद्दा गौण है. नगर निगम में चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार ही देखने को मिल रहा है.समान की खरीददारी से लेकर मेंटेनेंस तक भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है नगर निगम.बताते चलें कि शहर का सबसे पॉश मोहल्ले में सबसे ऊपर अगर किसी मोहल्ले का नाम आता है तो वो है नवरतन हाता.जो नगर निगम के कई वार्डों में बंटा हुआ है.जहां शहर के बड़े-बड़े एवं रसूखदार लोग अपना विला बनाकर रहते है.देखा जाय तो नवरतन हाता के सभी वार्ड में जगह-जगह कूड़े का अम्बार लगा मिल जाएगा. पॉश कॉलोनी होने के नाते स्थानीय निवासी जल्दी कोई शिकायत करना नहीं चाहते है.उसके बाबजूद नगर निगम का कचड़ा उठाव गाड़ी आता है और निगम का तालिबानी फरमान सुनाकर चला जाता है.बताते चलें कि पूर्णिया नगर निगम बिहार का पहला ऐसा नगर निगम है,जहां टेंडर के नाम पर सिर्फ मैनेज टेंडर ही निकलता है.टेंडर का काम भी वही करता है जो नगर आयुक्त के कृपापात्र है.जैसे कृपापात्र संवेदक,कृपापात्र कर्मी से लेकर कृपापात्र जुनियर इंजीनियर को ही टेंडर का काम दिया जाता है.कहने का मतलब न खाता न बही,नगर आयुक्त जो कहे वही सही.

