
पूर्णिया/धमदाहा:-(संतोष कुमार झा)प्रखंड क्षेत्र में संचालित निजी नर्सिंग होम और जांच घरों की कार्यशैली को लेकर प्रशासन ने पहले सख्त रुख अपनाया था, लेकिन अब कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ गई है। क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी लैब का संचालन हो रहा है। बुखार के मरीज का पेट चीरकर ऑपरेशन,करने से मौत हुई थी। मामला धमदाहा नेहरू चौक स्थित कुछ दिन पहले एक अवैध नर्सिंग होम में जांच के दौरान सामने आया था झोलाछाप डॉक्टरों ने बुखार के मरीज का पेट चीरकर ऑपरेशन कर दिया था , जिससे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार अंचला अधिकारी कुमार रविंद्र नाथ और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने निजी नर्सिंग अस्पताल की जांच कर उसे सील कर दिया था।
अभियान शुरू हुआ, फिर सुस्त पड़ा
दो-तीन माह पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी ने अवैध नर्सिंग होम,अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब के विरुद्ध अभियान चलाया था। लेकिन धीरे-धीरे यह अभियान सुस्त पड़ गया।
जनता की जान से खिलवाड़ जारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि धमदाहा क्षेत्र में अब भी आधा दर्जन से अधिक अवैध नर्सिंग होम और पैथोलॉजी,अल्ट्रासाउंड सेन्टर चल रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से आम जनता का शोषण हो रहा है और लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
लोगों में चर्चा है कि एसडीएम ने पूरी तैयारी के साथ अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान शुरू किया था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया है। सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

