
राजेश झा,पूर्णिया। पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार के सीमांचल इलाके में साफ दिखाई देने लगा है। नेपाल से आने वाले पानी के दबाव के कारण किशनगंज और पूर्णिया सहित कई जिलों में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, किशनगंज जिले के तैयबपुर क्षेत्र में बहने वाली महानंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। नदी के उफान पर आने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है और संभावित जलभराव को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि,कनकई और परमान नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं,लेकिन उनके जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल क्षेत्र में बारिश जारी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। संभावित बाढ़ और नदी कटाव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। तटबंधों और नदी किनारे बसे इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा राहत एवं बचाव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। महानंदा उप प्रमंडल पूर्णिया केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी अमर कुमार ने बताया कि नेपाल की तराई एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। किशनगंज जिले के तैयबपुर में महानंदा नदी का खतरा स्तर 66.000 मीटर निर्धारित है। गुरुवार शाम छह बजे यहाँ नदी का जलस्तर 64.580 मीटर पर था,जो महज 24 घंटे के भीतर शुक्रवार शाम छह बजे बढ़कर 66.400 मीटर पर पहुंच गया और खतरे के निशान को पार कर गया। इसके साथ ही पूर्णिया जिले के डेंगराघाट पर महानंदा नदी का खतरा स्तर 35.650 मीटर दर्ज किया गया है। शुक्रवार की देर शाम बायसी अनुमंडल के डेंगराघाट पुल के नीचे महानंदा नदी का पानी पूरी तरह फैल चुका है, जिससे आसपास के खेतों और गांवों पर डूबने का खतरा मंडराने लगा है।
-कनकई व परमान नदी के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी बेचैनी
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय द्वारा देर शाम जारी की गई स्थिति के अनुसार 24 घंटे के भीतर महानंदा नदी के उफान पर आ ने से सीमांचल में बाढ़ की आशंका और बढ़ गई है।बाढ़ नियंत्रण कार्यालय द्वारा देर शाम जारी की गई स्थिति के अनुसार, पश्चिम बंगाल के चरघरिया में कनकई नदी का खतरा स्तर 46.940 मीटर निर्धारित है, जहां जलस्तर गुरुवार के 44.740 मीटर से बढ़कर शुक्रवार शाम को 45.200 मीटर हो गया है। इसी प्रकार, अररिया जिले में बहने वाली परमान नदी का खतरा स्तर 47.000 मीटर है, जो गुरुवार के 45.170 मीटर से उछलकर शुक्रवार शाम को 45.260 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक तीनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। बायसी के एसडीएम अभिषेक रंजन ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन पानी के उतार-चढ़ाव और नदी कटाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण कार्यालय को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया गया है।

