
प्रदेश डेस्क,पटना। बिहार सरकार ने गुरुवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 21 भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस बदलाव के तहत राजधानी पटना समेत 11 जिलों के डीएम रातोंरात बदल दिए गए। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पटना, नालंदा,जहानाबाद,रोहतास, पूर्वी चंपारण,भागलपुर,खगड़िया, बांका,गोपालगंज,किशनगंज और मुजफ्फरपुर के डीएम का ट्रांसफर किया गया है। सबसे चर्चित बदलावों में पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, अब तक BSEB के अध्यक्ष रहे आनंद किशोर को पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। डॉ. त्यागराजन एसएम स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
वहीं, नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार को राजधानी पटना का नया डीएम बनाया गया है। उनके स्थान पर रोहतास की डीएम उदिता सिंह को नालंदा का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
प्रमुख तबादले एक नजर में
राबर्ट एल चोंग्थू को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से हटाकर संसदीय कार्य विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया।
मो. सोहैल को सामान्य प्रशासन विभाग से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में भेजा गया।
नवीन कुमार (खगड़िया डीएम) को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया।
सुब्रत कुमार सेन (मुजफ्फरपुर डीएम) को बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया।
धर्मेंद्र कुमार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
छिरिड़ वाई भूटिया को जहानाबाद का नया डीएम बनाया गया।
अंशुल अग्रवाल को बांका का डीएम बनाया गया।
अलंकृता पांडेय को भागलपुर का डीएम नियुक्त किया गया।
कुमार गौरव को मुजफ्फरपुर का जिलाधिकारी बनाया गया।
समीर सौरभ को गोपालगंज का नया डीएम बनाया गया।
सौरभ सुमन यादव को पूर्वी चंपारण का डीएम नियुक्त किया गया।
नवीन कुमार को किशनगंज का डीएम बनाया गया।
विक्रम विरक को खगड़िया का डीएम बनाया गया।
दीपक कुमार मिश्रा को रोहतास का नया डीएम नियुक्त किया गया।
प्रशासनिक महकमे में हलचल
राज्य सरकार के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। खास तौर पर राजधानी पटना में नए डीएम की नियुक्ति और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर प्रशासनिक एवं राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद जिलों और विभागों की कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है।

