
नेपाल:-29 मई(राजेश शर्मा)नेपाल में भारतीय श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट और लूटपाट की कोशिश की घटना ने अब पर्यटन और भारत-नेपाल संबंधों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के पटना से परिवार और छोटे बच्चों के साथ पशुपतिनाथ दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ मुगलिंग क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर लोगों में नाराज़गी देखी जा रही है।
श्रद्धालुओं द्वारा जारी वीडियो में यह दावा किया गया है कि पहले उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी गई और उसके बाद उसी नेपाली वाहन से कुछ लोग बाहर निकले और उनके साथ अभद्रता, मारपीट तथा लूटपाट की कोशिश करने लगे। पीड़ित श्रद्धालुओं ने यह भी दावा किया है कि जिस गाड़ी से हमला किया गया, उसकी तस्वीर और नंबर भी उन्होंने रिकॉर्ड किया है। वीडियो में दिखाई गई गाड़ी का नंबर BA 19 CHA 1287 बताया जा रहा है।
घटना सामने आने के बाद अब लोग नेपाल प्रशासन और नेपाल टूरिज्म की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर धार्मिक आस्था लेकर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। नेपाल वर्षों से भारतीय श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल रहा है, जहाँ हर साल लाखों लोग पशुपतिनाथ, जनकपुर और मुक्तिनाथ जैसे तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। लेकिन यदि पर्यटकों के साथ इस तरह की घटनाएँ लगातार सामने आती रहीं, तो इसका सीधा असर नेपाल पर्यटन की छवि पर पड़ सकता है।
भारत-नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल केवल दो देश नहीं बल्कि “रोटी-बेटी” के रिश्ते से जुड़े हुए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार दोनों देशों की मित्रता और नेपाल की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इस पूरे मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंनो नेपाल पुलिस के आइजिपी दान बहादुर कार्की को इस मामले की जानकारी दी गयी है साथ ही मंच के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा की उन्होंनो बीते दिनों बिराटनगर मे एक कार्यक्रम के बिच मुलाक़ात कर आईजीपी कार्की को भारतीय पर्यटक के साथ होने वाले दोहरी नीति के सम्बन्ध मे जानकारी दिया था! मंच के अध्यक्ष ने कहा की
नेपाल की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर करता है। अगर इस तरह की घटनाएँ होती रहीं, तो भारत से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक नेपाल आने से डरने लगेंगे। उन्होंने कहा कि नेपाल को अपनी “अतिथि देवो भव:” की परंपरा को बचाए रखना होगा, तभी पर्यटन और धार्मिक यात्राओं का विश्वास कायम रह सकेगा।
अब सभी की नजर नेपाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि वायरल वीडियो, सामने आए तथ्यों और वाहन नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं। क्योंकि यह मामला केवल एक परिवार के साथ हुई घटना भर नहीं, बल्कि नेपाल आने वाले लाखों भारतीय श्रद्धालुओं के भरोसे, सुरक्षा और नेपाल पर्यटन की साख से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
क्या कहते है आईजीपी कार्की
नेपाल पुलिस के आईजीपी कार्की ने कहा की वायरल वीडियो का मामला संज्ञान मे आया है संबंधित जिले के पुलिस एसपी को जाच के निर्देश दिए गए है!

