
नेपाल/काठमांडू:-09जून (राजेश कुमार शर्मा)नेपाल सरकार मे फिर से गृह मंत्री मे वापसी किए सुदन गुरुंग ने घोषणा की है कि अब देश में हुए हर अपराध और घटना की फाइलें खोली जाएंगी। गृह मंत्रालय की ओर से चार महत्वपूर्ण और गंभीर निर्णय सार्वजनिक करते हुए उन्होंने यह बात कही।
संबोधन के दौरान गृह मंत्री गुरुंग ने नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड की अतिरिक्त जांच करने से लेकर पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) को और अधिक सशक्त बनाने तक के निर्णयों की जानकारी दी।
गृह मंत्री द्वारा लिए गए 4 महत्वपूर्ण निर्णय ।
जेनजी आंदोलन के मुद्दे:
जेनजी आंदोलन से संबंधित घटनाओं में लगाए गए आपराधिक मामलों को वापस लिया जा सकता है या नहीं, इस संबंध में जांच कर सिफारिश सहित रिपोर्ट पेश करने के लिए एक विशेष कार्यदल का गठन करने ।
दरबार हत्याकांड की अतिरिक्त जांच:
25 वर्ष पूर्व हुए नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड के संबंध में पहले हुई जांच रिपोर्टों का अध्ययन कर अतिरिक्त जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने ।
सूचना लीक रोकने के लिए एसआईवीटी का गठन:
गृह मंत्रालय और सुरक्षा निकायों से संवेदनशील सूचना लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए सूक्ष्म निगरानी कर कार्रवाई करने हेतु सुरक्षा निकायों में सेंसिटिव इंफॉर्मेशन विजिलेंस टीम (एसआईवीटी) का गठन करने ।
सीआईबी में विशिष्ट समूह:
नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने । वर्तमान में प्रक्रियाधीन जांच फाइलों को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश देते हुए, ब्यूरो में जघन्य, आर्थिक और संगठित अपराधों सहित गंभीर प्रकृति के मामलों की जांच के लिए प्रकृति के अनुरूप विशिष्ट समूह का गठन करने ।
‘मीडिया ट्रायल और चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं करेंगे’
निर्णय सुनाने से पहले गृह मंत्री गुरुंग ने नागरिकों का चरित्र हनन करने और मीडिया ट्रायल के नाम पर परेशान करने की प्रवृत्ति के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष रूप से नेपाली महिलाओं और बेटियों के चरित्र हनन का प्रयास होने पर गृह मंत्रालय इसे अत्यंत गंभीरता से लेगा।
‘मीडिया ट्रायल के नाम पर हमारे देश में किसी को आत्महत्या न करनी पड़े, भविष्य में हमारे समाज में ऐसी प्रवृत्ति न रहे,’ उन्होंने कहा, ‘किसी नेपाली नागरिक का अपमान करने, चरित्र हनन करने का प्रयास यदि किसी ने किया, तो गृह मंत्रालय अत्यंत संवेदनशील होकर कार्रवाई करेगा।’
उनका कहना था कि उन पर चाहे जितने आरोप लगें और हमले हों, वे सह सकते हैं, लेकिन नागरिकों को परेशान होते नहीं देख सकते। आलोचना और आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए और उन्हें तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए, यह कहते हुए उन्होंने कहा, ‘जितना अटैक करना है, मुझे ही करें, नो प्रॉब्लम।’
मंत्रालय द्वारा लिए गए निर्णयों को अत्यंत गंभीर बताते हुए मंत्री गुरुंग ने अंत में कहा, ‘अब हर फाइल खोली जाएगी।’

