बक्सर, 4 सितम्बर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के प्रसार शिक्षा निदेशालय और बीएलडीए (पशुधन विकास अभिकरण) परियोजना निदेशक, पटना के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को 30 दिवसीय आवासीय मैत्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कृत्रिम गर्भाधान, पशु प्रजनन और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में दक्ष बनाना है ताकि वे स्व-रोजगार के अवसर पा सकें और ग्रामीण पशुपालकों को तकनीकी सहायता प्रदान कर सकें।

कार्यक्रम में बांका जिले से 5, अररिया से 10 और कटिहार से 15 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई। इस अवसर पर प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर. के. सोहाने सहायक निदेशक डॉ. आर. एन. सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता संभावि, वास्तु विशेषज्ञ डॉ. एम. ज़ेड. होदा और डॉ. ज्योतिमाला साहू उपस्थित रहे।
डॉ. सोहाने ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कृत्रिम गर्भाधान की उपयोगिता और ग्रामीण पशुपालन में इसके महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पशु रोगों की पहचान, उपचार की विधियाँ, आवश्यक दवाओं की जानकारी और फील्ड लेवल तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण युवाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि पशुधन क्षेत्र में नई संभावनाएं भी खोलेगा।

